BilSam Technologies
BilSam TechnologiesPrivate Limited
Menu
लखनऊ, Uttar Pradesh

लखनऊ में कस्टम सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनी

आपके काम करने के तरीके के हिसाब से बना सॉफ़्टवेयर, न कि रेडीमेड पैकेज — छोटे कारोबार, स्टार्टअप और एमएसएमई के लिए।

लखनऊ के सरकारी विभाग और पीएसयू; स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान; और रिटेल स्टोर और चेन क्षेत्र के कारोबारों के साथ हम काम करते हैं, और यह पेज एक ही चीज़ पर है — लखनऊ के लिए कस्टम सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट। हमारा ऑफ़िस पुणे में है और लखनऊ का काम रिमोट तरीक़े से, हर हफ़्ते तय बैठकों के साथ होता है।

पुणे की टीम, North India तक काम

एक ही ऑफ़िस — काल्पनिक शाखाएँ नहीं।

हिंदी में सपोर्ट

सॉफ़्टवेयर, दस्तावेज़ और मदद आपकी भाषा में।

लिखित स्कोप, चरणबद्ध बिलिंग

काम शुरू होने से पहले सब कुछ काग़ज़ पर।

कोड आपका

होस्टिंग और अकाउंट आपके नाम — कोई लॉक-इन नहीं।

लखनऊ के कारोबारों को कस्टम सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की ज़रूरत क्यों पड़ती है

यहाँ ज़्यादातर कारोबारों के पास काम की कमी नहीं है — रिकॉर्ड की है। ऑर्डर व्हाट्सएप पर, स्टॉक याददाश्त से और पूरी प्रक्रिया दो-तीन लोगों के दिमाग़ में। कस्टम सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इसी दिक्कत को हल करता है।

  • रोज़ हो रहा वह काम जो कहीं दर्ज नहीं होता
  • रिपोर्ट की जगह मालिक से पूछे जाने वाले सवाल
  • फ़ोन पर तुलना करके ही कॉल करने वाले ग्राहक
  • एक सिस्टम से दूसरे में डेटा चढ़ाने में जाता स्टाफ़ का समय

हमारे कस्टम सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में क्या शामिल रहता है

काम शुरू होने से पहले यह सब लिखित स्कोप में रहता है, ताकि बाद में "यह तय नहीं था" वाली बहस न हो।

  • आपके असल कामकाज को देखकर ही स्क्रीन डिज़ाइन
  • लिखित स्कोप — कौन सी स्क्रीन, कौन सा इंटीग्रेशन, क्या शामिल नहीं
  • भूमिका के हिसाब से अलग-अलग अधिकार और लॉगिन
  • मौजूदा एक्सेल शीट और टैली डेटा का माइग्रेशन

लखनऊ में हम किन क्षेत्रों में काम करते हैं

  • सरकारी विभाग और पीएसयू
  • स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान
  • रिटेल स्टोर और चेन
  • आईटी और सॉफ़्टवेयर सेवाएँ

काम कैसे चलता है

  • पहली बातचीत — ४५ मिनट आपकी प्रक्रिया पर, हमारी फ़ीचर लिस्ट पर नहीं
  • लिखित स्कोप — कौन सी स्क्रीन, कौन सा इंटीग्रेशन, क्या शामिल नहीं
  • हर दो हफ़्ते में चलता हुआ हिस्सा दिखाया जाता है
  • आपकी टीम, आपके ही डेटा पर परीक्षण करती है, फिर गो-लाइव
  • गो-लाइव के बाद दस्तावेज़, ट्रेनिंग और तय सपोर्ट अवधि

खर्च और अनुबंध

हम रेट लिस्ट नहीं छापते, क्योंकि ईमानदार आँकड़ा स्कोप पर निर्भर करता है। पर पैसा खर्च करने से पहले लिखित अनुमान, चरणबद्ध बिलिंग और पूरे दस्तावेज़ ज़रूर मिलते हैं।

  • तय स्कोप का प्रोजेक्ट — एक क़ीमत, चरणबद्ध भुगतान
  • समर्पित टीम — हर महीने, लगातार बदलते काम के लिए
  • सलाह सेवा — घंटे के हिसाब से तकनीकी मार्गदर्शन
  • बनाकर देना और आपकी टीम को ट्रेनिंग

Frequently asked questions

क्या आप लखनऊ के कारोबारों के साथ काम करते हैं?

हाँ, और तरीक़ा साफ़ बता देते हैं — हमारा ऑफ़िस पुणे में है और लखनऊ के ग्राहकों का काम वहीं से होता है। हमारा ऑफ़िस पुणे में है और लखनऊ का काम रिमोट तरीक़े से, हर हफ़्ते तय बैठकों के साथ होता है। किसी नक़ली स्थानीय शाखा का दावा हम नहीं करते।

कस्टम सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पर कितना खर्च आता है?

पहली बातचीत के बाद प्रोजेक्ट के हिसाब से दर तय होती है। स्क्रीन की संख्या, इंटीग्रेशन और दायरा आँकड़ा तय करते हैं, इसलिए पहले से रेट लिस्ट देना भ्रामक होगा। खर्च से पहले लिखित स्कोप, समयसीमा और भुगतान चरण मिलते हैं।

काम पूरा होने में कितना समय लगता है?

पहला उपयोगी संस्करण आम तौर पर कुछ हफ़्तों में चालू हो जाता है, क्योंकि सबसे तकलीफ़देह हिस्सा हम पहले लेते हैं। पूरा रोलआउट इस पर निर्भर करता है कि कितनी प्रक्रियाएँ स्कोप में हैं, और वह चरणवार लिखित में दिया जाता है।

क्या सॉफ्टवेयर हिंदी में मिलेगा?

हाँ। लेबल, सूचनाएँ और छपने वाले दस्तावेज़ हिंदी में किए जा सकते हैं। यह मायने रखता है — कर्मचारी उसी भाषा के सॉफ़्टवेयर को ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं जिसमें वे सोचते हैं।

हम टैली और एक्सेल इस्तेमाल करते हैं, फिर कस्टम सॉफ़्टवेयर क्यों?

जिस दिन दो एक्सेल शीट के आँकड़े मेल खाना बंद कर दें, उस दिन ज़रूरत है। हम आमतौर पर अकाउंट्स के लिए टैली रहने देते हैं और ऑर्डर, उत्पादन, डिस्पैच और अप्रूवल के लिए अलग सिस्टम बनाते हैं।

लखनऊ में कस्टम सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पर बात करें

बस इतना बताइए कि कारोबार क्या करता है और कहाँ अटकता है। ब्रोशर नहीं — लिखित स्कोप, समयसीमा और आँकड़ा मिलेगा। पहली बातचीत का कोई शुल्क नहीं।

BilSam Technologies — Kedari Nagar, Wanwadi, Pune, Maharashtra 411048